प्रशांत मिश्रा: जब व्यवसाय बन गया सेवा का माध्यम और शिव साधना बनी जीवन की दिशा

 

लखनऊ, उत्तर प्रदेश:

अक्सर कहा जाता है कि सफलता केवल ऊँचाइयों को छूने का नाम है। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो ऊँचाइयों पर पहुँचकर भी ज़मीन से जुड़े रहते हैं। प्रशांत मिश्रा उन्हीं नामों में से एक हैं — एक ऐसे उद्योगपति, जिनके लिए व्यवसाय सिर्फ़ मुनाफ़ा कमाने का साधन नहीं, बल्कि समाज को लौटाने का माध्यम है।

भोपाल से शुरू हुई उनकी यात्रा आज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँच चुकी है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जितनी मज़बूत उनकी व्यावसायिक पहचान है, उतनी ही गहरी उनकी आध्यात्मिक जड़ें भी हैं। एक समर्पित शिव साधक के रूप में वे मानते हैं कि “सेवा ही सच्चा शिवत्व है।”

यही सोच उनके हर निर्णय और हर पहल में दिखाई देती है।

उद्योग में भरोसे का नाम बना प्रणु ग्रुप

प्रशांत मिश्रा ने जब प्रणु ग्रुप की शुरुआत की, तब उनका लक्ष्य केवल एक कंपनी बनाना नहीं था, बल्कि एक ऐसा संगठन खड़ा करना था जिस पर लोग आँख बंद करके भरोसा कर सकें।

इंजीनियरिंग और माइनिंग सेक्टर में कार्यरत DG Minerals Pvt. Ltd. (DG Stones) और Pranu Mines & Minerals Pvt. Ltd. आज उच्च गुणवत्ता वाले रेड ग्रेनाइट और मिनरल्स के लिए देश-विदेश में पहचाने जाते हैं। खनन से लेकर प्रोसेसिंग और निर्यात तक, हर चरण में गुणवत्ता और पारदर्शिता उनकी पहली प्राथमिकता रहती है।

भोपाल से लेकर चीन के ज़ियामेन और हांगकांग तक फैला नेटवर्क यह दर्शाता है कि भारतीय उद्यमिता भी वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा सकती है|

वेबसाइट - http://www.pranudgmines.com

सिर्फ एक बिज़नेस नहीं, पूरा इकोसिस्टम

समय के साथ उन्होंने अपने सपनों को एक उद्योग तक सीमित नहीं रखा। हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकल, आयुर्वेदिक उत्पाद, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और फैशन जैसे कई क्षेत्रों में उन्होंने नए आयाम जोड़े।

उनके अलग-अलग उपक्रम आज न केवल व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि सैकड़ों लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। उनके लिए हर नई कंपनी सिर्फ़ विस्तार नहीं, बल्कि अवसरों का सृजन है।

जहाँ अध्यात्म से जन्म लेती है सेवा

प्रशांत मिश्रा की पहचान का सबसे खास पहलू है — उनका सेवा भाव।

इसी भावना से उन्होंने शिवशक्ति अनुग्रह पीठ की स्थापना की। यह केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह है, जहाँ ज़रूरतमंदों की मदद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

यहाँ

भूखों को भोजन मिलता है,

बीमारों को उपचार,

बच्चों को शिक्षा,

अनाथों को आश्रय,

और बुज़ुर्गों को सम्मान।

अन्नपूर्णा रसोई, निःशुल्क चिकित्सा सेवा, बच्चों की शिक्षा, वृद्धजनों की देखभाल और महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता कार्यक्रम — ये सभी पहलें उनके इस विश्वास को दर्शाती हैं कि सच्ची प्रगति वही है जो सबको साथ लेकर चले।

वेबसाइट: www.shivshaktianugrahpeeth.com

एक अलग तरह का नेतृत्व

आज के दौर में जहाँ व्यवसाय और संवेदनशीलता अक्सर अलग-अलग दिखते हैं, प्रशांत मिश्रा ने दोनों को साथ लाकर एक नई मिसाल पेश की है।

वे कहते हैं,

“धन कमाना लक्ष्य हो सकता है, लेकिन उद्देश्य हमेशा लोगों के जीवन में बदलाव लाना होना चाहिए।”

शायद यही कारण है कि उनकी कहानी केवल एक उद्योगपति की नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान की कहानी है, जिसने सफलता को सेवा से जोड़ा और नेतृत्व को मानवीय बनाया।

 

Previous Post Next Post

Contact Form